मनी लॉन्ड्रिंग क्या होती है ? | What is money laundering ?

मनी लॉन्ड्रिंग एक बेहद संगीन अपराध है इसमें किसी दूसरे देश का पैसा किसी और देश में भेजा जाता है वो भी बिना किसी प्रकार का टैक्स दिए जिससे सरकार को काफी बड़ा नुकसान होता है। 

मनी लॉन्ड्रिंग क्या होती है ? |  What is money laundering ?
What is money laundering ?

तो दोस्तों जब आप विदेश यात्रा और वीसा की जानकारी रखते है तो आपको मनी लॉन्ड्रिंग और इससे जुडी सभी प्रकार की जानकारी का होना भी जरुरी है , मनी लॉन्ड्रिंग को अचे से जांनने के लिए हमें हवाला बाजार (हुंडी बाजार) , ब्लैक मार्किट के बारे में जानना पड़ेगा। 

    हवाला बाजार क्या है ? (What is hawala bazar ?) -

    इसे आपको बड़ी सरलता से समझाता हु इसे ध्यान से समझना , मान लीजिये आप सऊदी अरब में है और आपके रिश्तेदार को भारत में पैसे भेजने है अगर वो बैंक के ज़रिये भेजता है तो उसे इनकम टैक्स देना होंगे इसी इनकम टैक्स से बचने के लिए आप बैंक न जाते हुए हवाला बाजार जायेंगे और आपसे एजेंट मिलेगा मान लीजिये आपको दस करोड़ भारत भेजना है किसी मोहन नाम के व्यक्ति के पास तो आपसे वह दलाल पैसे ले लेंगे और उनका कोई आदमी भारत में होंगे जो मोहन को दस करोड़ रूपये देदेंगे। याद रखिये अभी तक उस दलाल के पास दस करोड़ रूपये रखे है जो अपने उसको दिए है और भारत में व्यक्ति ने मोहन को पैसे दिए है उसने अपने पास के पैसे दिए है।  वो दोनों अपना हिसाब बाद में कर लेंगे।  अब क्या होगा आपको जो टैक्स  वह नहीं लगा और आपको हवाल बाजार में कम टैक्स देना पड़ा।  जिससे दोनों ही देश की सरकार को भरी नुकसान होता है। 

    मनी लॉन्डरिंग कैसे काम करती है ? How does money laundering work? -

    आम तौर सभी देश में मनी लॉन्डरिंग होती है और हवाला बाजार में बहुत सारा पैसा जमा हो जाता है अब दूसरे देश में जो व्यक्ति है जो अपने पास से पैसे देता है अब उसे भी पैसो की ज़रूरत होंगी। मन के चलिए अरब से पैसे भारत में मोहन को दिए गए वह पैसे उस भारत वाले एजेंट को देने के लिए अरब के एजेंट क्या करते है की भारत में कुछ फालतू कम्पनिया खोल लेते है जिन्हे सेल कम्पनिया कहते है और उसमे कोई भी काम करने लग जाते है तब अरब देश उस कंपनी में निवेश करते है जब उनके पास पैसे बल्क में जमा होजाते है तो वह उस कम्पनियो में निवेश करते है  वह डायरेक्ट पैसे कम्पनियो में नहीं डालते सबसे पहले वह अरब से किसी और देश में पैसे भेजेंगे जैसे की उदहारण के लिए थाईलैंड अब पैसा थाईलैंड में आगया अब वह पैसे को कॅश में निकालेंगे और किसी दूसरे देश में डालेंगे यह प्रोसेस चलता रहता है और अंत में पैसा भारत आजाता है वह पैसे FDI के थ्रू आता है और उसमे टैक्स नह लगता। अब उस  कंपनी में फालतू झूठ मुठ की आग लगा देंगे और बोलेंगे की आग लग गई और कंपनी नुकसान में चली गई बोलकर कंपनी बंद कर देते है।  परन्तु जब भारत पूछेंगे , अरब से  की आपके किस कंपनी ने पैसे भारत की कंपनी में भेजे है तब अरब बता देगा की  भेजा है , इसलिए  ऐसे भी है जिनके पास कमाई का कोई जरिया नहीं  जैसे स्विज़रलैंड, मोरिशयश इनका कानून है की वह उसे ही बताएंगे की आपका पैसा कहा भेजा गया है उसके आलावा वह किसी देश को  बताएँगे की आपके यह से पैसे किसने भेजा। यह बहुत बड़ी समस्या  है की आखिर  ढूंढे कैसे ?

    मनी लॉन्डरिंग का इतिहास (History of money laundering) -

    मनी लॉन्डरिंग कई देशो में किया जाता है जैसे की पाकिस्तान , डेनमार्क ,अरब , आदि देशो में अधिक किया जाता है काफी टाइम पहले इन सब देशो में टैक्स की चोरी की जाने लगी थी और सर्कार ने भी इसमें कोई सर्कार को यह सब समझ में आया की हवाला बाजार के वजह से देश को काफी नुकसान हो रह है तब इसके खिलाफ कानून बनाया गया और पकडे जाने 3 साल की सजा और जुर्माना दोनों हो सकता है। जिसकी देखरेख करने का पूरा मामला P.M.L.A.(PREVENTION OF MONEY-LAUNDERING ACT, 2002. 2.14.) एक्ट बनाया गया और F.A.T.A. (financial action task force)इस संगीन अपराध करने वालो पर नज़र रखता है।   

    How to work Financial action task force ?  (F.A.T.A. कैसे काम करता है ?) - 

    F.A.T.A. पुरे देश में होने वाले पैसो के लेंन देंन पर नज़र रखता है और अगर जो भी देश इन के नज़रो पर आजाता है तब F.A.T.A. उन देश को नोटिस भेजता है की आप जल्द से जल्द इस काम को रोकिये क्यों की आपके इस काम से  उन देश की जीडीपी पर बुरा असर पड़ रहा  है जब F.A.T.A. किसी देश को नोटिस भेजता है तो उसे ग्रे लिस्टेड में मन जाता है अगर कोइन देश ग्रे लिस्टेड हो जाता है (जैसे - यमन,पाकिस्तान,मोरेंशियश ) तो पुरे देश उसे शक की निगाहो से देखते है और कोई भी उस देश में इन्वेस्ट नहीं करना चाहता और उस देश की जीडीपी बहुत  गिरने लग जाती है और कोई भी बैंक उन्हें लोन देने से मना कर देता है वैसे तो लोन  मिल जाता है पर बहुत सी दिक्कत आजाती है। अगर F.A.T.A. किसी देश को ब्लैक लिस्टेड करदे तो कोई भी बैंक इन्हे लोन ही नहीं देंगे जिससे  जीडीपी गिर जाती है और देश गरीब हो जाता है। 

    पाकिस्तान ब्लैकलिस्ट की श्रेणी में जल्दी ही आने वाला है क्यों की पाकिस्तान काफी ज्यादा मात्रा में टेरेरिस्ट फंडिंग भारत में करता है. अगर पाकिसतन ब्लैक लिस्ट में चला गया तो पाकिस्तान  का पतन निश्चित है।  

    ब्लैक मार्केट क्या है ? (What is black market ?) -

    ब्लैक मार्केट किसी देश में होना बहुत ही बेकार बात होती है क्यों की उस देश की जीडीपी में काफी असर पड़ता है अधिकतर ब्लैक मार्केट ईथोपिया , सूडान जैसे देशो में अधिक होता है , कभी कभी ब्लैक मार्केट टूरिस्टों क लिए अच्छा साबित होता है क्यों की जब हमारे पास मुद्राए ख़तम हो जाती है तो बैंक से पहले और अचे दामों में डॉलर या दूसरी मुद्राये मिल जाती है , परन्तु यह भी देश की जीडीपी को गिराने के लिए काफी है। 

    प्यारे साथियो आप सभी ट्रैवेलर को इस टॉपिक के बारे में जानना अतिआवश्यक है क्यों की इसी वजह से आप भी विदेश में सही निर्णय ले पाएंगे की मुद्राये कहा से लेना है कहा भेजना है आदि , उम्मीद करता हु दोस्तों आपको यह जानकी अछि लगी होंगी इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर करे धन्यवाद। 

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